शिव का अर्थ ही है कल्याण। मान्यतानुसार शिवरात्रि के दिन अर्धरात्रि के समय भगवान शिव दिव्य शिवलिंग के रूप में प्रकट हुए थे। जबकि कुछ मान्यताओं के अनुसार इस दिन द्वादश स्वयंभू ज्योतिर्लिंगों का उदय हुआ वहीं कुछ के अनुसार इस दिन शिव-पार्वती का विवाह हुआ था।
वास्तव में संपूर्ण ब्रह्मांड में समभाव एवं सह-अस्तित्व का सार हैं शिव। यही कारण है कि सृष्टि के संहारकर्ता होते हुए भी सर्वश्रेष्ठ हैं शिव। ।
हर-हर महादेव; सत्यम शिवम् सुन्दरम!
वास्तव में संपूर्ण ब्रह्मांड में समभाव एवं सह-अस्तित्व का सार हैं शिव। यही कारण है कि सृष्टि के संहारकर्ता होते हुए भी सर्वश्रेष्ठ हैं शिव। ।
हर-हर महादेव; सत्यम शिवम् सुन्दरम!
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